क्या आपने भी देखे है जयपुर के इन इलाकों में भूत?

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जयपुर वीरगाथाओं का शहर है और आज भी यहाँ की राजपुताना धरोहर पुरे विश्व में विख्यात है | राजा रानी के किस्से, युद्घ की गाथाएं और न जाने कितनी कहानियाँ यहाँ पीढ़ियों से सुनी और सुनाई जा रहीं है और इन्ही कहानियों में से कुछ कहानिया ऐसी भी है जो आपके रोंगटे खड़े कर सकती है | हम बात कर रहे जयपुर शहर में मौजूद भूत प्रेतों के अड्डों की|

आइये आपको बताते है जयपुर में कौन सी ऐसी जगहें है जहा भूत-प्रेत का वास है –

भानगढ़

भानगढ़ का नाम तो आपने ज़रूर सुना होगा | जयपुर से ८५ किलोमीटर दूर ये किला एशिया कि सबसे प्रेतवाधित जगहों में से एक है | भूत-प्रेतों पर शोध करने वाले तमाम शोधकर्ताओं ने इस किले में नकारात्मक शक्तियों के होने का दावा किया है | भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संसथान ने तो भानगढ़ में सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद जाने में भी रोक लगा राखी है | ऐसा कहा जाता है कि रात होते इस इस किले में भूतो का साया आ जाता है | रोती चिल्लाती औरतों कि आवाज़ें, खनकती चूड़ियों कि आवाज़ और तमाम तरह कि परछाइयां यहाँ दिखाई देती है |

कहा जाता है है इस एक जादूगर यहाँ कि राजकुमारी के प्रेम में पड़ गया था और उसने राजकुमारी को एक ऐसा पेय पिलाने कि कोशिश कि थी जिससे कि राजकुमारी को भी उससे प्रेम हो जाए | परन्तु राजकुमारी सतर्क थी और उसने जादूगर को इस करतूत के लिए मौत कि सजा सुनवाई | जादूगर ने क्रोध में भानगढ़ किले को श्राप दे दिया कि यहाँ कभी कोई इंसान रह नही पायेगा | कहा जाता है कि उसके बाद एक युद्ध हुआ जिसमे कई जाने गई और तब से यह किला भूतों का अड्डा बन गया |

जगतपुरा

वैसे तो जगतपुरा जयपुर का एक शांत रिहायशी इलाका पर यहाँ लोगो का मानना है इस जगह पर चुड़ैलों का साया है | पुराने किस्सों के अनुसार एक लालची राजा इस छेत्र में राज करता था | राजा को अपनी प्रजा का बिलकुल ख्याल नहीं था | इस राज्य में भुकमरी हुई और कई लोगों कि मौत हो गई |

मरने वालों ने राजा को श्राप दिया और इस स्थान पर भूत-प्रेत का साया हो गया | यहाँ के निवासियों ने ऐसी बहुत सी घटनाएं देखि और सुनी है जिसमें सफ़ेद साडी पहने, खुले बालों वाली औरत को आस्मां में उड़ते देखा है | कई लोगो का कहना है कि वह एक चुड़ैल है जो जगतपुरा में मंडराती है और तरह तरह कि डरावनी आवाज़ें निकलती है |

दिल्लीजयपुर हाईवे

दिल्ली-जयपुर हाइवे को यहाँ के लोग खून का प्यासा रास्ता भी बोलते है | इस रस्ते पर सफर करने वाले तमाम लोगो ने यहाँ भूतिया गतिविधियों के होने का दावा लिया है | लोगो का कहना है कि देर रात में इस रास्ते में आकर दुल्हन का लाल जोड़ा पहने एक औरत नज़र आती है जो कि कुछ देर में गायब भी हो जाती है | पास के गाओं वालो का मानना है कि जब बाल विवाह कि प्रथा प्रचलित थी तब 5 साल कि एक लड़की कि शादी 3 साल के एक लड़के से होनी तय हुई थी |

लड़की कि माँ इस रिश्ते से बहुत नाखुश थी इसलिए वह अपनी बेटी को लेकर गांव से भाग गई थी | अपनी बेटी को बचाने के मदद कि आशा से वह औरत हाईवे कि तरफ दौड़ी थी मगर एक तेज़ स्पीड में आ रहीं गाड़ी से उसकी टक्कर हो गई | एक्सीडेंट में वह औरत और उसकी लड़की कि मृत्यु हो गई | लोगो का कहना है कि अभी भी उस रास्तें में उन दोनों कि आत्माओं का वास है |

नाहरगढ़ किला

नाहरगढ़ किला जयपुर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है लेकि क्या आपको मालूम है इस किले से जुडी है एक आत्मा की कहानी | कहा जाता है की पहले इस इलाके का नाम सुदर्शनगढ़ हुआ करता था फिर एक राजा ने यहाँ अपनी रानियों के लिए महल बनवाया | महल बनवाने में होनी वाली खुदाई से नाहर सिंह भोमिया की आत्मा को परेशानी हुई जिसके फल स्वरुप उसकी आत्मा ने इस किले पर अपना साया कर लिया |

राजा ने नाहर सिंह की शांति के लिए किले का नाम भी नाहरगढ़ रखा और एक मंदिर का निर्माण भी करवाया पर कोई फरक नहीं पड़ा | ऐसा माना जाता है की नाहर सिंह की आत्मा अभी भी अतृप्त होकर किले में घूम रही है | कुछ सालो पहले एक इंजीनियर जो की किले में कुछ नवीकरण के काम से आया था संदिग्ध अवस्था में मृत पाया गया | इतना तो तय है की नाहर सिंह की आत्मा को किले में किसी भी तरह की छेड़छाड़ पसंद नहीं है |

बृजराज भवन

जयपुर से कुछ दूरी पर बने बृजराज भवन की अपनी ही एक भूतिया कहानी है | यह एक राजसी हवेली है जो की अब एक हेरिटेज होटल में तब्दील हो चुकी है | कहा जाता है की कोटा के राजपरिवार से पहले यह हवेली मेजर चार्ल्स बुर्टोर्न के पास थी | 1857 में जब भारतीय सिपाहियों ने अंग्रेज़ो के खिलाफ आंदोलन किया था तब उन्होंने मेजर चार्ल्स बुर्टोर्न और उनके परिवार का बड़ी ही बेरहमी से क़त्ल किया था |

इस होटल में रुकने वाले कई गेस्ट्स का मानना है उन्होनें अप्राकृतिक घटनाएं महसूस की है | साथ ही साथ इस होटल में काम करने वाले गार्ड्स का कहना है की उन्हें कई बार एहसास हुआ है की कोई आदमी छड़ी लेकर खड़ा है और उन्हें अंग्रेजी में डाँट रहा है | हालाकिं किसी भी प्रकार से हानि पहुंचने की कोई घटना सामने नहीं आई है |

कुलधरा गांव

आज से २०० साल पहले कुलधरा एक समृद्ध गांव हुआ करता था | मगर अब उस घाव में हर तरफ बस सन्नाटा और वीरानी है | कहा जाता है है की एक दरिंदा मंत्री इस गांव की एक ख़ूबसूरत लड़की का दीवाना हो गया था और उससे शादी करना चाहता था | उसने लड़की के परिवार को मारने और लड़की को अगवा करने की धमकी भी दी थी |

गाओं वाले इस घटना से बहुत आहात थे और उन्होंने खुद के ही गांव को श्राप दे डाला की इस गांव में कभी भी कोई नहीं बसेगा | आज वास्तव में यह गांव एक भयावय वीरान है | भूत प्रेतों पर शोध करने वाले कई शोधकर्ता यहाँ आएं है और उन्होंने इस स्थान पर नकारात्मक ऊर्जा के होने का दावा किया है |

अगर आपको भी भूतिया अड्डे देखने के शौक है तो जयपुर में इन स्थानों में ज़रूर जाएँ | खासकर की भानगढ़ किला | अगर आप और भी ऐसी जगहें जानते है तो हमें कमैंट्स में ज़रूर बताएं |

 

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