गुलाबी शहर जयपुर में रमज़ान की रौनक

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रमज़ान के पाक महीने के आगाज़ हो जुका है और जयपुर में बड़ी ज़ोर शोर से लोग इसका स्वागत कर रहे है| जयपुर में रमज़ान की रौनक देखते ही बन रही है | इबादत के इस पाक महीने में जयपुर में लोग रोज़े तो रख ही रहे है पर बाज़ारों में इफ्तारी और सहरी का आनंद भी ले रहे है |

वैसे तो जयपुर के सभी हिस्सों में रमज़ान मनाया जा रहा है पर इसकी असली रौनक रामगंज बाजार में ही देखते बनती है | इस बाजार का नाम महाराजा सवाई राम सिंह II के नाम पर पड़ा है | इस इलाके में शहर के सबसे पुराने मस्जिद भी मौजूद है जहाँ नमाज़ अदा करने वालों का तांता लगता है |

मस्जिदों में इबादत के साथ ही लोग बाज़ारों में खरीदारी करने भी पहुँचते है | रमज़ान की शुरुआत के साथ ही ईद की खरीदारी शुरू हो जाती है | रामगंज बाजार सज धज कर रोज़ेदारो के लिए तैयार रहता है | बाजार की गलियों में देर रात तक भीड़-भाड़ लगी रहती है और रमज़ान की रौनक देखते ही बनती है|

इफ्तार के बाद बाजार में खाने पीने का सिलसिला शुरू हो जाता है और देर रात यानि की सहरी तक चलता रहता है | कुल्चे नहारी और शीरमाल कबाब जैसी पारंपरिक व्यंजनों के साथ नए-नए व्यंजन भी रमजान में खूब मिलते हैं | कुल्चे, पेशावरी रोटी, चिकन, बक्खरखानी, शाही टुकड़े, खीर-फीरीनी और न जाने क्या क्या | सबसे खास डिश जो की सबकी पसंदीदा है वो है बिरयानी |

बाजार की रौनक के अलावा दिन भर इबादत का सिलसिला चलता है | रमज़ान एक पाक महीना है जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग रोज़े रखते है | रोज़े के नियम बहुत सख्त है और इसका पालन पूरी शिद्दत से किया जाता है | रमज़ान में गलत आदतों से दूर रहने की हिदायत दी जाती है | सुबह सहरी करने के बाद रोज़े का आगाज़ होता है और शाम तक बिना खाए और बिना पानी पिए रोज़ा रखा जाता है | शाम को इफतारी के बाद रोज़ा तोडा जाता है | पूरे रमज़ान के महीने रोज़े चलते है|

रमज़ान लोगों को प्रेम और अल्लाह के प्रति विश्वास को जगाने के लिए मनाया जाता है | रमज़ान के पूरे होने के बाद ईद का त्यौहार मनाया जाता है | जिसका सभी को बेसब्री से इंतज़ार रहता है |

 

 

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